हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर क्या है भारत-न्यूजीलैंड का प्लान, प्रभासाक्षी के सवाल पर विदेश मंत्रालय के सचिव ने 3 S 1 P फॉर्मूला किया डिकोड

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न्यूजीलैंड के मंत्री मार्क मिशेल ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की व्यापक और बड़ी नेतृत्वकारी भूमिका की प्रशंसा की। मार्क भारत यात्रा पर आए न्यूजीलैंड प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। मार्क ने कहा कि हम इस रिश्ते को बहुत महत्व देते हैं और यही कारण है कि हम भारत के साथ मजबूत संबंध सुनिश्चित करने में इतना समय और ऊर्जा लगाते हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड की संस्कृति, शिक्षा, व्यवसाय और उद्यमिता में भारतीय प्रवासियों के ‘‘व्यापक योगदान’’ पर प्रकाश डाला।

भारत और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण रणनीतिक दृष्टिकोण पर भी चर्चा की है। इस मुद्दे को विस्तार से समझाने बाबत प्रभासाक्षी ने विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा, जिसका जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने कहा कि न्यूजीलैंड ने इंडो पैसेफिक ओशियन एनिशिएटिव में पहली बार भागीदारी ली है। ये वो लोग भी चाहते हैं और हम लोग भी चाहते हैं कि दोनों देश हिंद महासागर में सिक्योरिटी, सेफ्टी, प्रोस्पेरिटी और स्टेबिलिटी इन सब पर एक साथ काम करे। ये भारत और न्यूजीलैंड दोनों के साझा उद्देश्य हैं। यह है हिंद-प्रशांत के लिए हमारा दृष्टिकोण। हमें खुशी है कि न्यूजीलैंड भी इंडो पैसेफिक ओशियन एनिशिएटिव में शामिल हुआ।

आपको बता दें कि न्यूजीलैंड के मंत्री मार्क मिशेल ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की व्यापक और बड़ी नेतृत्वकारी भूमिका की प्रशंसा की। मार्क भारत यात्रा पर आए न्यूजीलैंड प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। मार्क ने कहा कि हम इस रिश्ते को बहुत महत्व देते हैं और यही कारण है कि हम भारत के साथ मजबूत संबंध सुनिश्चित करने में इतना समय और ऊर्जा लगाते हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड की संस्कृति, शिक्षा, व्यवसाय और उद्यमिता में भारतीय प्रवासियों के ‘‘व्यापक योगदान’’ पर प्रकाश डाला।

मार्क ने प्रवासी समुदाय के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 70,000 भारतीय पासपोर्ट धारक हैं और हिंदी देश में पांचवीं सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

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